सही व्यक्ति को सही भूमिका देना—श्रीकृष्ण से Team Strategy की सीख

एक बड़ा लक्ष्य अकेले व्यक्ति की शक्ति से हमेशा प्राप्त नहीं किया जा सकता। कई बार सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि किस व्यक्ति को कौन-सी जिम्मेदारी दी गई है। हर व्यक्ति की क्षमता अलग होती है। कोई नेतृत्व में अच्छा है। कोई संवाद में। कोई योजना बनाने में। कोई कठिन परिस्थिति में स्थिर रह सकता है। कोई ऐसा कार्य कर सकता है जिसे दूसरा व्यक्ति नहीं कर सकता। एक अच्छे रणनीतिकार का काम हर काम स्वयं करना नहीं है। उसका काम यह पहचानना है कि कौन-सा व्यक्ति किस भूमिका में सबसे प्रभावी होगा। श्रीकृष्ण के अनेक निर्णयों में यही दृष्टिकोण दिखाई देता है। वे स्वयं हर संघर्ष में हथियार लेकर आगे नहीं आए। इसके बजाय उन्होंने कई बार दूसरों की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही दिशा दी। आज management की भाषा में इसे talent utilization, role clarity और delegation से जोड़ा जा सकता है। किसी organization में बहुत अच्छे लोग होने के बावजूद परिणाम खराब हो सकते हैं यदि उनकी भूमिका गलत तय की गई हो। दूसरी ओर, सही जिम्मेदारी मिलने पर सामान्य क्षमता वाला व्यक्ति भी असाधारण परिणाम दे सकता है। इसीलिए एक महत्वपूर्ण leadership principle है: Right Person + Right Role + Right Time. यह केवल युद्ध की रणनीति नहीं है। परिवार, संस्था, business, project और community work—हर जगह इसका उपयोग किया जा सकता है। मेरी ebook में श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े 68 प्रसंगों को इसी प्रकार केवल कथा नहीं, बल्कि रणनीतिक दृष्टि से समझाया गया है। 🎥 वीडियो: https://www.youtube.com/watch?v=Qu4D3Lekms4 📘 Ebook: